
सेवा एक ऐसा कार्य हैं जो बताता हैं की आप अंदर से कितने सुखी, समृद्ध और संतुष्ट हैं. सेवा करने से आपको एक ऐसी प्रकार की संतुष्टि की अनुभूति होती हैं जो आपको किसी और चीज़ से अथवा सेवा से प्राप्त नहीं हो सकती. सच्ची सेवा सच्ची भावना के आधार पर ही हो सकती हैं।
जब तक हमारा सामर्थ और क्षमता है हम रुकेंगे नहीं। कभी कम कभी ज्यादा हो सकता है लेकिन प्रयास हर उम्मीद रखने वाले की मदद करने का रहेगा। कोरोना हारेगा और इंसानियत जीतेगी।
सर्वप्रथम धन्यवाद परम पिता परमात्मा का जो हमें इस डर के साये से निकालकर गरीब और हालात के मारे भूख से पीड़ित लोगों तक सेवा पहुंचाने का साहस और क्षमता दे रहा है एवं परमात्मा की ही कृपा से कुछ सज्जन पुरुष एवं मातृ शक्ति हमपर भरोसा करके अपनी क्षमता सामर्थ्य अनुसार अपनी संस्था को सहयोग कर रहे हैं।